CTET Syllabus Hindi & CTET Exam Pattern {सम्पूर्ण जानकारी हिन्दी मे}

जो भी उम्मीदवार CTET की परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे तो उनको मालूम होगा की CTET की परीक्षा मे जब तक उनको CTET Syllabus और CTET Exam Pattern सही से पता नहीं होगा तब तक उनकी पढ़ाई सही तरह से नहीं हो सकेगी। इस लिए आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से CTET Syllabus in Hindi और CTET Exam Pattern दोनों ही चीज आपको बताने जा रहे जोकी आपको आपकी तैयारी मे काफी ज्यादा हेल्प करेगा।

What is CTET? CTET Syllabus

जिन उम्मीदवार को CTET के बारे म कोई भी जानकारी नहीं है उनको सबसे पहले CTET क्या है समझ लेना चाहिए। जिसके बाद उनको खुद ही समझ अ जाएगा की CTET की परीक्षा क्यों महत्वपूर्ण होती है किसी भी उम्मीदवार के लिए अगर वो शिक्षक बनना चाहता है तब।

कुछ उम्मीदवारों को मालूम होगा की CTET की परीक्षा केन्द्रीय प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्त होने के लिए CTET की परीक्षा देना अनिवार्य होता है। क्योंकि इस परीक्षा को पास करने के बाद हमको एक प्रमाण पत्र मिलता है। यह प्रमाण पत्र काफी ज्यादा मदद करता हमारी शिक्षक नियुक्ति के समय इसी लिए सभी उम्मीदवार जो अध्यापक बननां चाहते है वो इस परीक्षा को देते है।

लेकिन इस परीक्षा के CTET Syllabus Hindi को जानने से पहले हमको CTET Exam Pattern समझ लेना चहाइए ताकि इस पेपर को हम आसानी से पास कर सके।

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 CTET Exam Pattern

दोस्तों CTET Exam Pattern को समझने के लिए आपको हमने सभी इस ब्लॉक मे प्रदान की है क्योंई जब तक आपको यह ही नहीं पता होगा की हमारा आने वाला पेपर कितने मार्क का होगा या फिर कितने सवाल उसमे पूछे जाएंगे और जो सवाल हमसे पूछे जाएंगे वो किन – किन टॉपिक से पूछे जाएंगे तब तक हमारा इग्ज़ैम को पास करना मुश्किल हो जाता है।

इस लिए हम आपको केवल इतना बता दे की इस परीक्षा मे 2 पेपर होते है पहला पेपर 1 जोकी कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षक की नुयुक्ति के लिए होता है। वही दूसरा पेपर 2 जोकी कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षकों नियुक्ति के लिए होता है। दोनों हो पेपर मे अलग – अलग विषय आते है और उनकी मार्किंग भी अलग अलग होती है। आइए आपको हम यह दोनों पेपर के विषय और मार्किंग दोनों चार्ट के मध्यम से बताएंगे।

CTET Exam Pattern {Paper 1}

विषयप्रश्नों की संख्याअंकसमय
बाल विकास एवं शिक्षण3030150 मिनट
भाषा I3030
भाषा II3030
गणित3030
पर्यावरण अध्ययन3030
कुल150150

CTET Exam Pattern {Paper 2}

विषयप्रश्नों की संख्याअंकसमय
बाल विकास एवं शिक्षण3030150 मिनट
भाषा I3030
भाषा II3030
गणित और विज्ञान या सामाजिक अध्ययन6060
कुल150150

CTET परीक्षा से हूदी कुछ महत्वपूर्ण बाते जो आपको याद रखना चहाइए –

इस CTET की परीक्षा केवल 2 चरणों मे आयोजित की जाती है। दोनों ही चरणों मे आपको बहुविकल्प प्रश्न मिलते है। जो अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक बनना चाहते है। उनको केवल की एक पेपर देना होगा लेकिन अगर आपको कक्षा 1 से 5 और 6 से 8 तक की कक्षा मे पढ़ना चाहते हो तो आपको दोनों ही परीक्षा देना पड़ेगा।

इस परीक्षा मे आपको आरक्षण नहीं मिलता इस लिए आपको इस इग्ज़ैम मे न्यूनतम प्रतिशत जोकी 60 है पास होने के लिए वो आपको लाना होगा तब ही आप इस परीक्षा को पास कर सकोगे।

CTET केवल आपको एक प्रमाण पत्र जारी करता आप इस पत्र की मदद से शिक्षक नियुक्ति मे दावेदारी को पेश नहीं कर सकते है। CTET का प्रमाण पत्र केवल 7 वर्ष के लिए मान्य होगा।

अब आइए आपको CTET Syllabus हम बताने जा रहे वो भी हर विषय के सभी टॉपिक के साथ।

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CTET Syllabus in Hindi 2021

दोस्तों अब आइए आपको हम CTET Syllabus in Hindi मे बताने जा रहे क्योंकि जब तक आपको CTET Syllabus की जानकारी सही से नहीं होगी तब तक आप लाख कोसिस कर ले लेकिन आप अपने परीक्षा मे अच्छे नंबर नहीं ल सकोगे क्योंकि आपको तो पता होगा की अधूरा ज्ञान कितना खराब होता है किसी भी चीज के लिए।

इस लिए अब आप इस CTET Syllabus Hindi को सही से समझे फिर उसको किसी कॉपी पर नोट करे सब्जेक्ट वॉयस फिर उसी को एक – एक कर पढ़ाई करे ताकि हम आसानी से अपना पूरा कोर्स पूरा कर सके।

बाल विकास और शिक्षाशस्त्र

बाल विकास (प्राथमिक विधायलय बालक)

  • विकास की अवधारणा और अधिगम के साथ इसका संबंध
  • बालकों के विकास के सिद्धांत
  • आनुवंशिकता और पर्यावरण का प्रभाव
  • समाजीकरण की प्रक्रिया
  • पियागेट, कहोंबर्ग, वयोगोतस्की निर्माण और महत्वपूर्ण दराष्टीकोरण
  • बाल केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा
  • बोधिकता के निर्माण का विवेचित संदर्भ
  • बहु आयामी बौद्धिकता
  • भाषा और चिंतन
  • एक सामाजिक निर्माण के रूप का लिंग
  • व्यक्तिगत विभिनता
  • अधिगम का मूल्यांकन
  • शिक्षार्थियों की तैयारी स्तर मूल्यांकन

स्वदेशी शिक्षा की अवधारणा

  • विविध पृष्ठभूमि, वंचित सहित, के शिक्षार्थियों की जरूरतों को संबोधित करना
  • सीखने की कठिनाइयों से पीड़ित बच्चों, शारीरिक दोष आदि वालों की जरूरतों को पूरा करना
  • प्रतिभाशाली, रचनात्मक, विशेष रूप से विकलांग शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करना

सीखना और शिक्षाशस्त

  • अनुभूति और भावनाएं
  • बच्चों में सीखने की वैकल्पिक अवधारणाएँ, बच्चों की ‘त्रुटियों’ को सीखने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदमों के रूप में समझना
  • बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं; बच्चे क्यों और कैसे स्कूल के प्रदर्शन में सफलता हासिल करने में ‘असफल’ होते हैं
  • सीखने में योगदान देने वाले कारक – व्यक्तिगत और पर्यावरणीय
  • प्रेरणा और सीखना
  • शिक्षण और सीखने की बुनियादी प्रक्रियाएं; बच्चों की सीखने की रणनीतियाँ; सामाजिक गतिविधि के रूप में सीखना; सीखने का सामाजिक संदर्भ; एक समस्या समाधानकर्ता और ‘वैज्ञानिक अन्वेषक’ के रूप में बच्चे

भाषा I – भाषा की समझ

  • अपठित गधयंस
  • व्याकरण
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका
  • किसी भाषा शिक्षण मे व्याकरण की भूमिका
  • भाषा कैशल
  • भाषा की समझ और प्रवीणता का मूल्यांक
  • शिक्षण सामग्री
  • उपचारात्मक शिक्षण

भाषा II – English

  • Learning and acquisition
  • Unseen Passage
  • Grammar
  • Principles of Language Teaching
  • Role of listening and Speaking
  • Role of Grammar in Teaching a language
  • Languages Skills
  • Assessment of Language Comprehension and Proficiency
  • Teaching Material
  • Remedial Teaching

गणित

  • ज्यामिति
  • हमारे आसपास ठोस
  • आयतन
  • डेटा संधारण
  • वज़न
  • गुणा
  • आकार और स्थानिक समझ
  • विभाजन
  • समय
  • पैटर्न
  • मुद्रा
  • संख्याएँ
  • जोड़ना और घटाना
  • माप
  • गणित/तार्किक सोच की प्रकृति; बच्चों की सोच और तर्क पैटर्न और अर्थ और सीखने की रणनीतियों को समझना
  • पाठ्यचर्या में गणित का स्थान
  • शिक्षण की समस्याएं
  • औपचारिक और अनौपचारिक तरीकों से मूल्यांकन
  • त्रुटि विश्लेषण और सीखने और सिखाने के संबंधित पहलू
  • नैदानिक और उपचारात्मक शिक्षण
  • गणित की भाषा
  • सामुदायिक गणित
  •  

पर्यावरण अध्ययन

  • परिवार और दोस्त: रिश्ते, काम और खेल, जानवर, पौधे
  • भोजन
  • आश्रय
  • पानी
  • यात्रा
  • चीजें जो हम बनाते और करते हैं
  • ईवीएस की अवधारणा और दायरा
  • ईवीएस का महत्व, एकीकृत ईवीएस
  • सीखने के सिद्धांत
  • सीसीई
  • गतिविधियां
  • प्रयोग/व्यावहारिक कार्य
  • अवधारणाओं को प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण
  • विचार – विमर्श
  • शिक्षण सामग्री/सहायक सामग्री
  • समस्या
  • विज्ञान और सामाजिक विज्ञान का दायरा और संबंध
  • पर्यावरण अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा

CTET Paper II

बाल विकास ( प्राथमिक विध्यालय बाल )

  • विकास की अवधारणा और सीखने के साथ इसका संबंध
  • बाल केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणाएं
  • बुद्धि के निर्माण का महत्वपूर्ण पहलू
  • सीखने के लिए आकलन और सीखी गई बातों के आकलन के बीच अंतर; स्कूल-आधारित मूल्यांकन, सतत और समग्र मूल्यांकन: परिप्रेक्ष्य और अभ्यास
  • शिक्षार्थियों की तैयारी के स्तर का आकलन करने; कक्षा में सीखने और आलोचनात्मक सोच को बढ़ाने के लिए और शिक्षार्थी की उपलब्धि का आकलन करने के लिए उपयुक्त प्रश्न तैयार करना
  • बहु-आयामी बुद्धि
  • शिक्षार्थियों के बीच व्यक्तिगत अंतर, भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि की विविधता के आधार पर मतभेदों को समझना।
  • समस्या समाधानकर्ता और एक ‘वैज्ञानिक अन्वेषक’ के रूप में बच्चे
  • भाषा और विचार
  • अनुभूति और भावनाएं
  • प्रेरणा और सीखना
  • सीखने में योगदान देने वाले कारक – व्यक्तिगत और पर्यावरणीय
  • सामाजिक निर्माण के रूप में लिंग; लिंग की भूमिकाएं, लैंगिक-पूर्वाग्रह और शिक्षा
  • बच्चों के विकास के सिद्धांत
  • आनुवंशिकता और पर्यावरण का प्रभाव
  • समाजीकरण प्रक्रियाएं: सामाजिक दुनिया और बच्चे (शिक्षक, माता-पिता, साथी)
  • पियाजे, कोहलबर्ग और व्योगत्स्की: निर्माण और महत्वपूर्ण दृष्टिकोण
  • बच्चों में सीखने की वैकल्पिक अवधारणाएँ, बच्चों की ‘त्रुटियों’ को सीखने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदमों के रूप में समझना

समावेशी शिक्षा की अवधारणा

  • कमजोर और वंचित सहित विविध पृष्ठभूमि के शिक्षार्थियों की जरूरतों को पूरा करना
  • प्रतिभाशाली, रचनात्मक, विशेष रूप से विकलांग शिक्षार्थियों की जरूरतों को पूरा करना
  • सीखने की कठिनाइयों, समस्याओं आदि वाले बच्चों की जरूरतों को पूरा करना।

सीखना और शिक्षाशस्त्र

  • बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं; बच्चे कैसे और क्यों स्कूल के प्रदर्शन में सफलता पाने में ‘असफल’ होते हैं
  • शिक्षण और सीखने की बुनियादी प्रक्रियाएं; बच्चों की सीखने की रणनीतियाँ; सामाजिक गतिविधि के रूप में सीखना; सीखने का सामाजिक संदर्भ

भाषा

भाषा का syllabus समान है पेपर 1 की तरह आप वही से उसका सिलबस चेक कर ले।

गणित

  • संख्या प्रणाली
  • संख्याओं को जानना
  • ऋणात्मक संख्याएं और पूर्णांक
  • भिन्न
  • संख्यात्मक प्रश्न
  • पूर्ण संख्याएं
  • बीजगणित
  • बीजगणित परिचय
  • अनुपात और समानुपात
  • ज्यामिति
  • बुनियादी ज्यामितीय विचार (2-डी)
  • प्राथमिक आकृतियों को समझना (2-डी और 3 डी)
  • क्षेत्रमिति
  • रचना (पटरी, प्रोट्रैक्टर, कंपास का उपयोग करके)
  • डाटा
  • समरूपता: (प्रतिबिंब)

शैक्षणिक समस्याएँ (10 प्रश्न)

  • गणित/तार्किक सोच की प्रकृति
  • सामुदायिक गणित
  • मूल्यांकन
  • उपचारात्मक शिक्षण
  • पाठ्यचर्या में गणित का स्थान
  • गणित की भाषा
  • शिक्षण की समस्या

विज्ञान

  • भोजन- भोजन के स्रोत, भोजन के घटक, भोजन की सफाई
  • चीजें कैसे काम करती हैं- विद्युत प्रवाह और सर्किट, चुंबक
  • प्राकृतिक घटनाएं
  • जीव जगत
  • गतिमान चीजें: लोग और विचार
  • प्राकृतिक संसाधन
  • सामग्री- दैनिक उपयोग की सामग्री

शैक्षणिक समस्याएँ (10 प्रश्न)

  • विज्ञान की प्रकृति और संरचना
  • प्राकृतिक विज्ञान/लक्ष्य और उद्देश्य
  • पाठ्य सामग्री/सहायता सामग्री
  • मूल्यांकन – संज्ञानात्मक/साइकोमोटर/प्रभावी
  • समस्याएँ
  • उपचारात्मक शिक्षण
  • विज्ञान को समझना और उसकी सराहना करना
  • दृष्टिकोण/एकीकृत दृष्टिकोण
  • अवलोकन/प्रयोग/खोज (विज्ञान की विधि)
  • नवाचार

इतिहास

  • कब, कहाँ और कैसे
  • शुरुआती समाज
  • शुरुआती किसान और चरवाहे
  • पहले शहर
  • शुरुआती राज्य
  • नए विचार
  • पहला साम्राज्य
  • दूर देशों के साथ संपर्क
  • राजनीतिक विकास
  • संस्कृति और विज्ञान
  • नए राजा और राज्य
  • दिल्ली के सुल्तान
  • वास्तुकला
  • साम्राज्य का निर्माण
  • सामाजिक बदलाव
  • क्षेत्रीय संस्कृतियां
  • कंपनी शक्ति की स्थापना
  • ग्रामीण जीवन और समाज
  • उपनिवेशवाद और जनजातीय समाज
  • 1857-58 का विद्रोह
  • महिला और सुधार
  • जाति व्यवस्था को चुनौती
  • राष्ट्रवादी आंदोलन
  • आजादी के बाद का भारत

भूगोल

  • एक सामाजिक अध्ययन और विज्ञान के रूप में भूगोल
  • ग्रह: सौरमंडल में पृथ्वी
  • ग्लोब
  • समग्र पर्यावरण: प्राकृतिक और मानव पर्यावरण
  • वायु
  • पानी
  • मानव पर्यावरण: बसावट, परिवहन और संचार
  • संसाधन: प्रकार- प्राकृतिक और मानव
  • कृषि

सामाजिक और राजनीतिक जीवन

  • विविधता
  • सरकार
  • स्थानीय सरकार
  • जीविकोपार्जन
  • लोकतंत्र
  • राज्य सरकार का भूगोल
  • मीडिया को समझना
  • लैंगिक विषय
  • संविधान
  • संसदीय सरकार
  • न्यायपालिका
  • सामाजिक न्याय और हाशिये पर रहने वाले

शैक्षणिक मुद्दे (20 प्रश्न)

  • सामाजिक विज्ञान / सामाजिक अध्ययन की अवधारणा और प्रकृति
  • कक्षा प्रक्रियाएं, गतिविधियां और चर्चा
  • गहन चिंतन का विकास
  • पूछताछ/अनुभवजन्य साक्ष्य
  • सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन पढ़ाने की समस्या
  • स्रोत – प्राथमिक और माध्यमिक
  • परियोजना कार्य
  • मूल्यांकन

दोस्तों यही है आपका CTET Syllabus और CTET Exam Pattern जिसकी मदद से आप अपनी परीक्षा को आसानी से पास कर सकेंगे क्योंकि अब आपके पास सारा सिलबस है जिसकी मदद से आप अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगा कर पढ़ाई कर सकते है।

Official Sitehttps://ctet.nic.in

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